बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूली अब तक शुरू न होने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सचिवालय में आयोजित वित्तीय वर्ष 2025-26 की राजस्व प्राप्ति की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने इस देरी पर परिवहन विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई और तत्काल वसूली शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों का दावा है कि एक जनवरी से फास्टैग के माध्यम से ग्रीन सेस वसूली शुरू कर दी जाएगी। सरकार ने पहले ही ग्रीन सेस की दरें तय कर संशोधित कर दी हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे भी लगाए जा चुके हैं,
जिनके जरिए वाहन की नंबर प्लेट स्कैन होते ही फास्टैग खाते से ग्रीन सेस कटेगा। परिवहन विभाग के अनुसार तकनीकी रूप से तैयारियां पूरी हैं, लेकिन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) से ट्रायल लिंक न मिलने के कारण देरी हुई है। लिंक मिलते ही ट्रायल कर वसूली शुरू की जाएगी।
ग्रीन सेस शुल्क
कारें: 80 रुपए
बसें: 140 रुपए
डिलीवरी वैन: 250 रुपए
ट्रक: 120 से 700 रुपए (आकार के अनुसार)
बैठक में सीएम ने राजस्व वसूली बढ़ाने, कर चोरी रोकने के लिए एआई तकनीक अपनाने, रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाओं के डिजिटाइजेशन और संपत्तियों के मूल्यांकन की सख्त निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राजस्व वृद्धि सर्वोच्च प्राथमिकता है



